Devnarayan mandir:- आपने हमेशा अपनी दुकान घर एवं मंदिर निर्माण की नींव में पानी का इस्तेमाल होते देखा है और सभी जगह नींव भरने में पानी का इस्तेमाल ही होता है, परन्तु आज हम आपको बताएगे मंदिर की नींव भरने में दूध, दही और घी का उपयोग किया गया है जिसे आप जानकर हैरान रह जाएगें.
मंदिर के निर्माण में 11 हजार लीटर दूध, घी और दही का इस्तेमाल

जी हा, आपने सही सुना है झालावाड़ (Jhalawad) जिले के रटलाई क्षेत्र में बनने वाले देवनारायण मंदिर(devnarayan mandir) की नींव के कार्यक्रम में दही, दूध और घी से इस मंदिर की नीव भरी गई है इस मंदिर की नीव के लिए ग्रामीणों ने स्वेछा से दूध का दान किया और वही इस मंदिर की नीव के कार्यक्रम में लगभग 11 हजार लीटर दूध का उपयोग हुआ है.
वही ग्रामीणों ने टैंक में दूध भरकर मंदिर परिसर में पहुंचाया जिस जगह पूजा अर्चना के बाद मंदिर की नीव भरने में दूध का इस्तेमाल किया गयाऔर वही श्रद्धालुओं ने भगवान देवनारायण के जयकारेके के साथ-साथ नाचते गाते मंदिर परिसर पहुंचे और भगवन देवनारायण की पूजा अर्चना भी की जिसके बाद टैंक से पाइप की सहयता से मंदिर की नीव में दूध भरा गया. आस-पास के गावों से लोगों ने अपने-अपने घरों के बर्तनों में दूध एवं घी भरकर दान करने पहुंचे.
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Devnarayan mandir- मंदिर समिति के अनुसार करीब ₹1 करोड़ रुपये तक निर्माण कार्य
जानकारी के मुताबिक झालावाड़ जिले के रटलाई (Ratalai ) क्षेत्र के सांवलपुरा गांव में देवनारायण मंदिर (devnarayan mandir) का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है.बताया जा रहा है की इस मंदिर के नए स्वरूप में करीबन 1 करोड़ रूपये की लागत निर्माण कार्य होगा, और आज इस मंदिर की नींव भरी जाएगी भगवान देवनरायण के मंदिर की नींव में ग्रामीणों ने दही दूध एवं घी भरने का फैसला की था.
जिसमे श्रदालुओं ने लगभग 11 हजार लीटर दूध, दही डालकर मंदिर की नींव भरी गई इस कार्यकर्म के दौरान गुर्जर समाज एवं अन्य समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं मौजूद थे.
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