Anna hazare सामाजिक कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार को किसनों की मांगों को लेकर उनकी मांगो को पूरा करने के लिए जनवरी अंत तक का समय दिया है नहीं तो उनका कहना है, हमारी भूखा हड़ताल होगी उन्होंने महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि गांव में पत्रकारों से कहा था की वह पिछले तीन सालों से किसानों के लिए प्रदर्शन कर रहे है परन्तु सरकार ने कभी भी इन मुद्दों पर ध्यान ही नहीं दिया, और इनको अनदेखा करती रही और आज ये आंदोलन का रूप धारण कर लिया है.
Anna hazare ने कहा, सरकार के खोखले वादे
अन्ना हजारे की जीवनी बहुत कठिन रही है अन्ना (83) साल के होने के बाद भी सत्य का हमेशा से ही साथ दिया है और आज भी किसानों के हित में आवाज उठाई है, और बताया की सरकार केवल खोखले वादे ही करती है इसलिए मुझे सरकार पर विश्वास नहीं है और आज भी सरकार ने मरी मांगों के लिए 1 महीने का समय मांगा है देखते है इस पर सरकार क्या कदम हटाती है. अगर मेरी मागें जनवरी अंत तक पूरी नहीं हुई तो मै फिर से भूखा हड़ताल (अन्ना हजारे का आंदोलन) करुगा और यह मेरी जिन्दगी का अंतिम प्रदर्शन होगा.
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MSP कानूनों के खिलाफ आंदोलन
जानकारी के अनुसार बता दे की anna hazare ने भी केंद्र सरकार के द्वारा नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में 8 दिसंबर 2020 को भारत बंद के समर्थन में उपवास रखा था जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने सितम्बर महीने में इन तीनो कानूनों को पारित किया था . बताया जा रहा है इन कानूनों से कृषि क्षेत्र में सुधार को लेकर पेश किया गया था वही प्रदर्शनकारी किसनों ने कहा की नए कानूनों न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और मंडी व्यस्था ख़त्म हो जाएगी. हमें बड़े कम्पनी कॉरपोरेट का निर्भर रहना होगा और अन्ना ने कहा की किसान करीब 1 महीने से अधिक दिनों से टिकरी बॉडर दिल्ली पर लगातार प्रदर्शन कर रहे है.
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